शाहकोट : 102 लोगों की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव, 6 इलाकों में सर्वे पूरा : 9 दिन से कोई केस नहीं

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शाहकोट . कोरोना संक्रमण के खिलाफ जारी लड़ाई के बीच बीता एक सप्ताह शाहकोट निवासियों के लिए थोड़ा राहत देने वाला रहा। बीते 9 दिनों से इलाके में कोरोना संक्रमण का कोई मरीज सामने नहीं आया है, जबकि सीएचसी शाहकोट में की गई सैंपलिंग में से 102 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। मंगलवार को क्षेत्र के 6 इलाकों में सर्वे का काम पूरा हो गया। जबकि अभी एक माइक्रो कंटेनमेंट जोन और 4 हॉटस्पॉट जोन बने हुए हैं।

सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. अमरदीप सिंह दुग्गल ने बताया कि बीते तीन दिनों के दौरान शाहकोट के 102 लोगों की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई है, जबकि बीते 9 दिनों से कोई भी नया केस सामने नहीं आया है। सोमवार को जारी दिशानिर्देश के अनुसार अब हॉटस्पॉट और माइक्रो कंटेनमेंट जोन में 14 की बजाय 10 दिन ही सर्वे किया जाना है। अगर इनमें कोई नया केस सामने आता है, तो एक सप्ताह और सर्वे जारी रहेगा। ब्लॉक के 6 हॉटस्पॉट क्षेत्रों सैदपुर झिड़ी, आजाद नगर, धूड़कोट मोहल्ला, भोएपुर, थम्मूवाल और तलवंडी संघेड़ा मे 10 दिन से ज्यादा सर्वे हो चुका है। इसलिए मंगलवार को इन इलाकों में सर्वे के बाद काम खत्म कर दिया गया है। अब इलाके में एक कंटेनमेंट जोन बांसा वाला बाजार और चार हॉटस्पॉट जोन न्यू करतार नगर, बाहमणीयां, बाहमणीयां खुर्द और सांदा बचे हैं। इनमें एक दिन और सर्वे चलेगा।

पॉजीटिव केस 17 दिन तक रहेंगे एक्टिव


एसएमओ डॉ. दुग्गल ने बताया कि आला अधिकारियों की सोमवार को हुई वीडियो कान्फ्रेंसिंग में नये दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इसके अनुसार एक ओर सर्वे के दिन घटाए गए हैं, तो पॉजीटिव केस के एक्टिव रहने के दिन भी र्निधारित किए गए हैं। अब वे पॉजीटिव केस, जिनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं होंगे, वे रिपोर्ट आने के 17 दिन तक एक्टिव केस माने जाएंगे। साथ ही बिना लक्षण वाले पॉजीटिव केसों को नए दिशानिर्देश और सिविल अस्पताल के कोरोना वार्ड के डॉक्टरों की सहमति निर्धारित दिनों के बाद घर पर ही एकांतवास किया जा सकेगा। एकांतवास किए गए इन लोगों के लिए अपने मोबाइल में कोवा एप डाउनलोड करना और ब्लूटूथ एक्टिव रखना अनिवार्य किया गया है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम रोजाना इनसे संपर्क कर स्वास्थ्य की निगरानी करेगी।

आशा वर्कर घर आएंगी, सही जानकारी दें

कोरोना महामारी उन लोगों के लिए ही ज्यादा खतरनाक और जानलेवा साबित हो रही है, जिनके शरीर में पहले से कोई गंभीर बीमारी है या फिर उनकी इम्युनिटी कमजोर है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अपनी आशा वर्कर के जरिये गांव और मोहल्ला स्तर पर सर्वे शुरू किया गया है। बीईई चंदन मिश्रा के अनुसार यूं तो आशा वर्कर का काम ही गांव के लोगों की रोजाना आधार पर स्वास्थ्य देखभाल करना है। लेकिन कोरोना से संबंधित सर्वे के लिए उन्हें चार रुपए प्रति व्यक्ति इंसेंटिव दिया जा रहा है। इसके लिए उन्हें अपने मोबाइल में एप इंस्टॉल कर व्यक्ति की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उसमें दर्ज करनी होती है। इस जानकारी में व्यक्ति के खांसी-जुकाम बुखार आदि से पीड़ित होने या शुगर, हाई ब्लड प्रेशर और किसी अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित होने की जानकारी शामिल है। साथ ही अपने आसपास या संपर्क में कोरोना पॉजीटिव मरीजों की संख्या का ब्यौरा भी देना होता है। लक्षण वाले लोगों को सीएचसी में बुलाकर कोरोना टेस्ट भी किया जाता है, ताकि आवश्यकतानुसार इलाज किया जा सके। उन्होंने लोगों से अपील भी की है कि वे सर्वे करने आ रहीं आशा वर्करों को पूरी और सही जानकारी दें, ताकि कोरोना महामारी पर हम जीत हासिल कर सकें।

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